HEADLINES-

Monday, July 5, 2010

चुरू। ब्रोडगेज कि ट्रेने इसी माह शुरू।

चूरू । जिले में सभी स्थानों पर बारिश होने से मौसम खुशनुमा । किसानो के चहरे खिले।

पड़िहारा। जीडीप दुगड़ णे १० वीं बोर्ड में ९६प्रतिशत नंबर लेकर तथा मृत में ८ वां स्थान लेकर गाँव का मान बढाया।

जयपुर। श्रीमती कृष्णा देवी सुराना धरमपत्नी श्री शुभ्करंजी सुराना का देहांत होगया। वह ७६ वर्ष कि थी। आचार्य महाश्रमण ने उन्हें श्रद्धा की प्रतिमूर्ति उपाधि से विभूषित किया है।

Thursday, June 10, 2010

समाचार

चुरू। रतनगढ़- सादुलपुर रेल मार्ग ट्राफ्फिक के लिए तैयार । रेलवे का कहना है कि रतनगढ़- सादुलपुर मार्ग अब ट्राफिक के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि फाटक- विवादों के लिए रेल विलंबित नहीं होने दी जायेगी। अनुमान है कि इस रूट पर जोधपुर-दिल्ली के लिए ट्रेन जुलाई से शुरू होजायेगी। नोर्थ- ईस्ट को जोधपुर तक बढाया जा सकता है ।२०११ तक कोलकता व मुंबई के लिए इस रूट पर बड़ी लाइन कि गाडिया दौड़ने लगेगी।
छापर। हाल ही में प्राकृतिक आपदा में यहाँ हिरनों कि मौत से कई सवाल पैदा हो गए है। इस योजना पर ५ करोड़ रुपैये खर्च हो चुके है पर हिरनों कि सुरक्षा निश्चित नहीं हो सकी है। इतनी संख्या में हरिन मरे है कि जो जहां मिला वाही गाड दिया गया।
बिदासर। कसबे के भामाशाह व समाजसेवी लक्ष्मीपत चौरडिया के निधन पर लोगो णे उन्हें भावभीनी श्रीधांजलि दी है। बुधवार को यहाँ आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर पूरा बाज़ार बंद रहा।
पडिहारा। युवा कार्यकर्ता करणीसिंह राजपूत कि यहाँ हार्ट अटक से निधन होगया। वह ६२ वर्ष के थे।

चुरू । थली क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश से किसानो के चहरे खिल गए है। यह बारिश समूचे राजस्थान में हुई है। खरीफ कि बुवाई शुरू होगी है।

Wednesday, May 26, 2010

पाखी

सांझ सकारे आवे पाखी
चीर कालजो जावै पाखी!
चारूकानी जाळ बिछ्या है
कियां बापड़ा आवै पाखी!
मिलै जठै भी चुग्गो पाणी
चहक-चहक बतियावे पाखी!
आपां आंरी पाँख चुरावां
कनै जादै भी आवे पाखी!
मिलै चुग्गो,चैन, ठिकानों
गीत बठै ही गावै पाखी!
अतुल जैन

Monday, May 24, 2010

जन्वाईजी

भलाई पधारया घर पावणा जी राज

घणी मनुवार थांरी करस्यां म्हे आज।

म्हारी लाडेसर बाई रा थे हो भरतार,

पलकां बिछावाँ थांरे गेलान में आज।

बैठोजी जवाईजीथे खेजड्ले री छाँव ,

दूध स्यूं धुलावान थांरा नाजुक नाजुक पाँव।

पियोजी जन्वाईजी थाने ठंडाई रो चाव

बोलो तो फलां रो रस देवान म्हे काढाय

भ्रमर राजस्थानी

Sunday, May 23, 2010

आज रो मौसम

आज रो मौसम नसीलो देख्ल्यो

होग्यो आकाश गीलो ,देख्ल्यो!

थारां हाथां भी मेहंदी के राची

सज उठ्यो सावन सजीलो, देख्ल्यो!

झीणे झी णे घूँघट स्यूं झांकतो

चाँद सो मुखड़ो लजीलो,देख्ल्यो!

अतुल जैन

Tuesday, May 18, 2010

थे अर म्हे

थे तो घूमो चाँदणी में

म्हे भटका अन्धेरां में !

थे देवो गांवां में भाषण

म्हे रोजी ढूँढा शहरा में!

थे पुळ रो उद्घाटन करियो

बिसूं बहग्या जद लहरां में!

थे बोल्या म्हे सुणता रैया

थे गिनलिया म्हाने बहारा में!

रतन जैन

Monday, May 17, 2010

राजस्थानी शब्द कोष

डांगर- जानवर

दाणा -दाने

दल्लिद्दर -हीण,गरीब

डेडोडेडो - टेढ़ा- टेढ़ा

डील - शरीर

डोळ- रूपरंग

दिसावर- परदेश

डगल मिटटी के ढ़ेले

डागलो- छत

डली टुकड़ा

साभार: मारवाड़ी डाइजेस्ट